उदयपुर। वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को कन्फेडरेशन ऑफ इण्डिया ने आईजीबीसी ग्रीन एग्जिस्टिंग बिल्डिंग्स रेटिंग के लिए प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान हिन्दुस्तान जिंक प्रधान कार्यालय को हरा-भरा, जल क्षमता, ऊर्जा दक्षता, नवाचार, स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण, उत्कृष्ट प्रबन्धन एवं सुविधाओं से युक्त बनाये रखने के सफल क्रियान्वयन के लिए इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल हैदराबाद ने प्रदान किया।

यह सम्मान सीआईआई-सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिज़नेस सेन्टर, हैदराबाद के कार्यकारी निदेशक केएस वेंकटगिरी ने हिन्दुस्तान ज़िंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गेल को हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित समारोह में 10 जनवरी को प्रदान किया। उदयपुर जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता विशिष्ट  अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सीआईआई-आईजीबीसी के कार्यकारी निदेशक केएस वैंकटगिरी ने बताया कि उदयपुर में स्थित हिन्दुस्तान जिंक का प्रधान कार्यालय देश की उन इमारतों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है जो कि अपने कार्यस्थल को सदैव हरियाली रखे हुए है। हिन्दुस्तान जिंक भारत की प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक है जो आईजीबीसी द्वारा प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक इस अवार्ड से सम्मानित होने वाली राजस्थान की पहली कंपनी है। इससे दूसरी कंपनियां भी प्रोत्साहित होंगी और इस ओर प्रयास करेंगी।
हिन्दुस्तान जिंक के यषद भवन को ओर अधिक सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। इस परियोजना के तहत 27 प्रतिशत ऊर्जा की तथा 37 प्रतिशत पानी की बचत हुई है। भवन के अंदर ताजा हवा के लिए वेंटिलेषन सिस्टम स्थापित गया है जिससे और अधिक सुविधा उपलब्ध होगी। 100 किलोवॉट अक्षय ऊर्जा की स्थापना की गई जिससे 162,000 यूनिट प्रतिवर्ष ऊर्जा पैदा होगी। ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे भवन की सभी जगह बिजली, यूपीएस, वातानुकूलित, बाहरी बिजली उपकरणों, वाटर रिकार्ड के लिए वाटर मीटर्स स्थापित किये गये हैं।
हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय को पूर्णरूप से ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया गया है और यह सौर ऊर्जा से संचालित है। हिन्दुस्तान जिं़क के सभी परिसर एवं संयंत्रों में 13 लाख से अधिक वृक्षारोपण है। हिन्दुस्तान जिंक भारत का एकमात्र एवं दुनिया का अग्रणी जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी है जिसे सीआईआई-आईजीबीसी ने इस सम्मान से नवाजा है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक को विश्वी में जीरो कार्बन एवं जीरो वेस्ट कंपनी बनाने के लिए हिन्दुस्तान जिंक प्रबन्धन एवं कर्मचारी प्रतिबद्ध है।
हिन्दुस्तान जिंक अपने नवाचारों से वर्ष 2011 से 2016 के दौरान क्लाउड सीडिंग, ऐडियाबैटिक कूलिंग टाउर, कई प्रभावी वाष्पीकरण, डीप कोन थिकनर, एयर कूल्ड कन्डीशनर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग से पानी की खपत में 16 प्रतिशत की कमी लाया है। हिन्दुस्तान जिंक का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जो राजस्थान की पहली सतत् विकास परियोजना है प्रतिदिन 20 मिलियन टन मल का उपचार कर रहा है जिससे उदयपुर की झीलों में मल का प्रवाह कम होने लगा है तथा झीलों की सुन्दरता में भी प्रभाव दिखने लगा है।
हिन्दुस्तान जिंक हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र स्थित फार्मों में 274 मेगावाट पवन ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। साथ ही हिन्दुस्तान जिंक 474 मेगावाट थर्मल पावर का भी उत्पादन कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक पहले चरण में 80 करोड़ रुपये के निवेश से 15 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना करेगा जो मार्च 2017 तक कार्यरत हो जाएगी। दूसरे चरण में 550 करोड़ रुपये की लागत से 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी जो सितम्बर 2017 तक कार्यरत हो जाएगी। हिन्दुस्तान जिंक ने सौर ऊर्जा परियोजना विस्तार के तहत अपने प्रधान कार्यालय, उदयपुर एवं चन्देरिया लेड-जिंक स्मेल्टर, चित्तौड़गढ़ प्रत्येक में 100 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर चुका है।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौशिक ने बताया कि यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यशद भवन को हरियाली के लिए उत्कृष्टता एवं आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के साथ-साथ स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावारण हेतु उठाये गये प्रभावी उपायों की मान्यता है।