छमाही व दूसरी तिमाही के परिणामों में जस्ता-सीसा का रिकॉर्ड उत्पादन
2 रुपए के प्रति इक्विटी शेयर पर अब तक का सर्वाधिक 1.60 रु.
परिशोधित सीसा धातु उत्पादन में 60% की वृद्धि
परिशोधित चांदी धातु का उत्पादन 86% अधिक

udaipur. वेदान्ता रिसोर्सेज पीएलसी की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने मुम्बई में गुरुवार को आयोजित निदेशक मण्डल की बैठक में 30 सितम्बर 2012 को समाप्त छमाही व दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन अग्निवेश अग्रवाल ने बताया कि कंपनी के परिणाम हमारी विश्व स्तरीय संपदाओं से लगातार उत्कृष्ट निष्पादन करने की हमारी क्षमता के द्योतक है। भविष्य में भी हम इस क्रम को जारी रखेंगे।’
दूसरी तिमाही में खनित धातु का उत्पादन खदान योजना के कारण पहली तिमाही के समतुल्य रहा। कंपनी  का दूसरी तिमाही तथा छ:माह खनित धातु का उत्पादन क्रमश: 190,000 टन तथा 377,000 टन रहा । दूसरी तिमाही एवं छह माह क्रमश: कम्पनी ने 153,000 टन तथा 310,000 टन रिफाइन्ड जस्ता धातु का उत्पादन किया। इसी प्रकार रिफाइन्ड सीसा धातु का दूसरी तिमाही एवं छह माह क्रमश: 24,000 टन तथा 53,000 टन उत्पादन किया है। दरीबा लेड स्मेल्टर के सफलतापूर्वक संचालन के परिणास्वरूप कंपनी ने दूसरी तिमाही एवं छह माह में क्रमश: 80 टन तथा 160 टन चांदी धातु का उत्पादन किया।
दूसरी तिमाही एवं छ:माह के दौरान कंपनी ने क्रमश: 2822 करोड़ रु. तथा 5,535 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में क्रमश: नौ तथा दो प्रतिशत अधिक है। दूसरी तिमाही एवं छह माह के दौरान कंपनी ने क्रमश: 1,540 करोड़ रु. तथा 3,121 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में क्रमश: 15% तथा 10% अधिक है।
कम्पनी के निदेशक मण्डल ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 80 प्रतिशत लाभांश घोषित किया है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 1.60 रु. है जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है। लाभांश भुगतान की तिथि 26 अक्टूबर 2012 निर्धारित की गई है ।
कंपनी की ग्रीनफील्ड कायड़ खदान में उत्कृष्ट सान्द्र उत्पादन से चालू तिमाही के परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कंपनी की दोनों भूमिगत रामपुरा-आगुचा तथा कायड़ खदानों से वित्तीय वर्ष 2014 से उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा जिससे कंपनी के उत्पादन में उत्कृष्ट वृद्धि होगी। वर्ष 2012-13 में एक लाख पौधे रोपने का अभियान आरंभ किया था परन्तु कंपनी के निरन्तर प्रयास, प्रशासन एवं आम जनता के सहयोग से अब तक डेढ़ लाख पौधे रोपे जा चुके हैं।