विश्व चैम्पियन भक्ति को हिन्दुस्तान जिंक ने दिया था प्रायोजन

210105उदयपुर। भारत की बेटी होकर अन्टार्कटिक महासागर में तैरकर विश्व  रिकार्ड बनाने पर मुझे गर्व है। मेरा उद्देश्य  अपनी पहचान कराना नहीं बल्कि मेरे काम की पहचान कराना है। मेरा उद्देश्य यह है कि भले ही भक्ति को कोई न पहचाने लेकिन भारत की बेटी को और उसके काम को पहचाने जो उसने किया। मेरा यह अवार्ड मेरे देश के नाम पर है।

वे ओपन वाटर चैम्पियनशिप के तहत अन्टा्र्कटिक महासागर में 1.4 मील यानी करीब 2.3 किलोमीटर की दूरी तैरकर तय करने के बाद वापस यहां लौटने पर उदयपुर स्थित हिंदुस्तायन जिंक परिसर में पत्रकारों से बात कर रही थीं।
उन्होंरने कहा कि मैंने ब्रिटिश तैराक चैम्पियन लुईस गॉर्डन पुग एवं लीन कॉक्स के बाद इस महासागर में विश्वि कीर्तिमान बनाया है। साथ ही लीन कॉक्स का 12 वर्षों बाद रिकॉर्ड तोड़कर देश का नाम रोशन किया है। भक्ति ने अपने अनुभव बताए कि 10 जनवरी को 1 डिग्री तापमान में बर्फीले पानी में बिना किसी सहायता के पानी में उतरना ही अपने आप में एक चुनौती थी। महासागर में बर्फ के टुकड़ों और समुद्री जीवों के बीच अपनी राह बनाते हुए 1.4 मील की दूरी को पार किया। पानी में नमक की मात्रा अधिक होने के कारण शरीर को बर्फीले पानी में तैरने के लिए अभ्यास के दौरान से कई गुना अधिक परिश्रम करना पडा़। पानी मे बर्फ को हटाने और समुद्री जीव जैसे लेपर्ड सील उस क्षेत्र में ना हो, इसके लिए वहां जहाज की मदद भी ली गई। अन्टार्कटिक महासागर में बिना अभ्यास किये ही मैं पहली बार में 41.14 मिनट में 1.4 मील तक तैर कर दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बना पाई जिसमें सबसे कम उम्र की विश्वद में पहली और सबसे लम्बी दूरी की तैराकी का विश्व  रिकॉर्ड कायम किया।
भक्ति ने उपलब्धि के लिए हिन्दुस्तान जिंक का धन्यवाद दिया कि यह कीर्तिमान हिन्दुस्तान जिंक के बिना संभव नही था। जिंक ने ऐसे समय में मेरा साथ दिया जबकि अमूमन सभी ने मेरा साथ छोड़ दिया था। भक्ति ने बताया कि महासागर मे तैरने के दौरान एक पैंग्विन ने भी उसका साथ दिया जो पूरी दूरी तय करने तक मेरे साथ तैरता रहा।
प्रेसवार्ता में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश जोशी ने कहा कि भक्ति ने ओपन वाटर तैराकी में सुनहरे अक्षरों में अपना नाम अंकित किया है। यह कीर्तिमान इसलिए भी विशेष है कि यह एक भारत की बेटी ने बनाया है। इस कीर्तिमान से भारत की लाखों बालिकाओं को तैराकी को खेल के रूप में अपनाने के लिए लिए प्रोत्साहन मिलेगा। जोशी ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक भारत की तैराकी में ओपन वाटर तैराकी इण्टरनेशनल चैम्पियन भक्ति को एक वर्ष के लिए बालिकाओं में तैराकी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रायोजित करेगा। इस एक वर्ष के दौरान भक्ति शर्मा उदयपुर से 10 बालिकाओं को तैराकी क्षेत्र में तैयार करेगी।
भक्ति हिन्दुस्तान जिंक के सामाजिक सराकारों से जुड़कर भारत में वंचित बच्चों मे षिक्षा,स्वास्थ्य, सुपोषण के प्रति जागरूकता अभियान ‘खुशी‘ और ग्रामीण महिला सषक्तिकरण के लिए ‘सखी‘ अभियान से भी जुडे़गी। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल, निदेशक प्रोजेक्टस नवीन सिंघन, मुख्य वित्तीय अधिकारी अमिताभ गुप्ता, हेड-कार्पोरेट रिलेशंस सीएसआर मेहता, हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौशिक व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।