100 प्रतिशत अंतरिम लाभांष की घोषणा

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने सोमवार को आयोजित निदेशक मण्डल की बैठक में 30 सितम्बर को समाप्त छमाही व दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन अग्निवेश अग्रवाल ने कहा कि पांच साल के सीएजीआर के संबंध में खनन धातु उत्पादन में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं और हम उम्मीद करते हैं कि इस वर्ष भूमिगत खदान की प्रगति से 60 प्रतिशत से अधिक उत्पादन होने की संभावना है। यद्यपि कंपनी की 12 लाख टन खनन धातु उत्पादन करने की ओर अग्रसर है, कंपनी अपनी अगले चरण की क्षमता विस्तार योजना पर विचार कर रही है। एलएमई में सकारात्मक वृद्धि तथा रिकार्ड चांदी उत्पादन वृद्धि से तिमाही में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में खनित धातु का उत्पादन 219000 टन हुआ जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। छमाही के दौरान 452000 टन खनित धातु का उत्पादन हुआ जो कंपनी की गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 42 प्रतिशत अधिक है जो सभी खदानों में उच्च अयस्क उत्पादन के फलस्वरूप हुआ है।
एकीकृत रिफाइन्ड जस्ता धातु 192,000 टन उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। एकीकृत सीसा धातु 38,000 टन उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। तिमाही के दौरान एकीकृत चांदी धातु का उत्पादन 140 मीट्रिक टन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 31 प्रतिषत अधिक है।
दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने 5232 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 37 प्रतिषत अधिक दर्षाता है। राजस्व में वृद्धि एलएमई में धातु की कीमतों में सकारात्मक वृद्धि के परिणामस्वरूप हुई है।
दूसरी तिमाही में कंपनी ने 2545 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जो चालू वर्ष की पहली तिमाही की समान अवधि की तुलना में 36 प्रतिषत अधिक है तथा गतवर्ष की समान तिमाही की तुलना में 34 प्रतिषत की वृद्धि दर्षाता है।
पूंजीगत खदान विकास के तहत सभी खानों में वर्ष के दौरान 77 प्रतिषत तथा तिमाही के दौरान 11 प्रतिशत अधिक विस्तार रहा है जो अब 9,765 मीटर हो गया है। छमाही के दौरान पूंजीगत खदान विकास की वृद्धि 18593 मीटर थी जो गतवर्ष की तुलना में 79 प्रतिषत अधिक है।
रामपुरा-आगुचा खदान का तिमाही के दौरान 3,755 मीटर तक विस्तार किया गया है। तिमाही के दौरान मेन शाफ्ट सेवा वाइडर को चालू किया गया जबकि उत्पादन वाइन्डर स्थापना अक्टूबर 2017 में पूरा हो चुका है। 2 मेगावाट के चार वेंटिलेषन फेंस वर्ष के अंत तक प्रारंभ होने की संभावना है। शाफ्ट स्थापना का कार्य प्रगति पर है तथा वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही तक शुरू होने की संभावना है।
तिमाही के दौरान कंपनी की सिन्देसर खुर्द खदान का 4,619 मीटर तक विस्तार किया गया है। मेन शाफ्ट का कार्य शुरू किया गया एवं उत्पादन वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में प्रारंभ होने की संभावना है। खदान विकास एवं विस्तार कार्य के तहत ऊर्जा विकास परियोजना का कार्य प्रगति पर है। सिन्देसर खुर्द खदान के पास 1.5 मिलियन टन मिल बनाने का कार्य प्रगति पर है तथा वित्तीय वर्ष 2019 तक प्रारंभ हो जाएगा।
जावर खदान का तिमाही के दौरान 7,395 मीटर तक सबसे ज्यादा खदान विस्तार किया गया है। तिमाही के दौरान मोचिया खदानन उत्पादन से जुड़ी है जिससे इसकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। जावर मिल डी-बोटलनेकिंग का कार्य पूरा हो चुका है तथा 2.7 एमटीपीए अपग्रेड क्षमता को कमीषन किया गया है। तिमाही के दौरान 2 एमटीपीए की दूसरी मिल स्थापना के लिए आदेष दिया गया है जो वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही तक पूरी होने की संभावना है।
चंदरिया में फ्यूमर प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019 के मध्य तक पूरा होने की संभावना है। कंपनी के निदेशक मण्डल ने शेयरधारकों को 100 प्रतिशत अंतरिम लाभांष देने की घोषणा की है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 2 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश है।