हिन्दुस्तान जिंक के जावर स्टेडियम पर फुटबाल फेस्टिवल का आयोजन

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक के जावर माइंस के जावर स्टेडियम पर शुक्रवार को स्थानीय फुटबाल खेल प्रतिभा को प्रोन्नत करने के लिए फुटबाल फेस्टिवल का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मोहन कुमार मंगलम हिन्द जिंक टूर्नामेंट की अविस्मरणीय छवि को दोहराते जावर स्टेडियम पर इस फेस्टिवल का शुभारंभ गणमान्य अतिथि अनन्य अग्रवाल ने किया।

इस मौके पर सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनन्य अग्रवाल ने कहा कि खेल को खेल भावना से खेलकर इस मौके का भरपूर आनंद लें। बच्चों में फुटबाॅल के प्रति जोश को देख कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हांेने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
साईट प्रेसिडेंट राजेश कुण्डु ने फॅुटबाॅल एकेडमी को जावर क्षेत्र में स्थापित करने के विज़न को मूर्त रूप देने के लिए बढ़चढ़ कर जुडने का आव्हान करते हुए कहा कि फुटबाॅल खेल उनके दिल के करीब है और उम्मीद है कि शीघ्र ही जावर माइंस के क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं राज्य और राष्ट्र स्तर अपना नाम आलोकित करेंगी।
कार्यक्रम का आरंभ राजेश कुण्डु द्वारा अनन्य अग्रवाल के स्वागत से हुआ। इस मौके पर आॅपरेशन हेड जावर आईबीयू एचपी कलावत, जावर माइन्स मजदूर संघ के महामंत्री लालूराम मीणा ने अग्रवाल को राजस्थानी साफा पहना कर अभिनन्दन किया।
टीम जिं़क फुटबाॅल के नेतृत्व में जावर माइंस के आस-पास के 10 कम्यूनिटी सेंटर की फुटबाॅल खेल प्रतिभाओं ने तरह-तरह के फुटबाॅल करतब दिखा कर दर्शकों का मन मोहा। उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा जावर माइंस में स्थापित की जा रही फुटबाॅल एकेडमी के तहत् हिन्दुस्तान जिं़क के आसपास के गावों से चयनित विद्यालयों के 9 से 14 वर्ष के बच्चों को दक्ष प्रशिक्षु कोच द्वारा फुटबाॅल का प्रशिक्षण नियमित दिया जा रहा है। जावर के आस पास के 8 विद्यालयों के 10 कम्यूनिटी सेंटर के बच्चों ने फुटबाॅल मैच खेला। अपने अद्म्य उत्साह और भरपूर जोश से बालक और बालिकाओं की फुटबाॅल टीम जावर स्टेडियम पर मैदान में उतरी।
इस अवसर पर द फुटबाल लिंक के चेतन मिश्रा, निपूर्ण भल्ला, आदित्य तिवारी, वरिष्ठ कोच अश्विन कुमार शामिल हुए। हिन्दुस्तान जिंक प्रबधंन की ओर से वेदांता सीएसआर हेड श्रीमती निलीमा खेतान, विशाल अग्रवाल, लोकेशन एचआर हेड निखिल दिवान, एडमिन हेड ऋषिराज शेखावत, सीविल हेड प्रदीप कुमार भट्ट उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अरूणा चिता ने किया।