हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा संचालित सखी कार्यक्रम के अंतर्गत गठित ग्राम संगठनों की 50 महिलाओं का दल रालेगण सिद्दि एवं हिवरे बाजार के भ्रमण पर

हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा मंजरी फाउण्डेशन के तकनीकी सहयोग से सखी कार्यक्रम का संचालन राजस्थान के पांच जिलों के 174 गांव में किया जा रहा है। सखी कार्यक्रम अंतर्गत पांच जिलों की 50 महिलाओं का एक दल ग्राम विकास की दृष्टि से उत्कृष्ट माने जाने वाले महाराष्ट्र के गांव रालेगण सिद्दि एवं हिवरे बाजार के लिए रवाना हुए।

इन दोनों गांवोें से भ्रमण दल द्वारा ग्राम सभा द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों शिक्षा, स्वास्थ्य तथा नशाबंधी आदि पर समझ विकसित करना है। इसी के साथ पंचायत द्वारा इस क्षेत्र में किये गये कार्यों एवं ग्रामीणों के प्रति जावबदेही, ग्राम सभा को होने वाली आय, सरकार एवं ग्राम पंचायत के बीच समन्वय को समझने का प्रयास किया जायेगा। यहां पर दल की महिलाएं ग्रामसभा में महिलाओं की भागीदारी के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के गुण सिखेंगे। वहां ग्रामीणों द्वारा स्वयं के साथ-साथ गांव का विकास किस प्रकार किया गया है यह भी दल के अध्ययन का विषय होगा। मंजरी फाउण्डेशन के  प्रतिनिधि  अजय शर्मा के नेतृत्व में  इस दल को हिन्दुस्तान जिंक के चन्देरिया लोकेशन सीएसआर हेड विशाल अग्रवाल एवं मंजरी फाउण्डेशन के शिवओम, प्रभुलाल सालवी, रितु झंवर, राजेन्द्र शर्मा एवं उŸाम सोनी द्वारा उदयपुर से हरी झण्डी दिखाकर बुधवार को प्रस्थान करवाया गया। इस दल में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा पांच जिलों उदयपुर, चितौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा एवं अजमेर में संचालित सखी कार्यक्रम अतंर्गत गठित ग्राम संगठन की  महिलाएं शामिल है। सखी कार्यक्रम अंतर्गत अभी तक कुल 16,370 महिलाएं 1281 स्वयं सहायता समूह में जुडी है।

हमने सुना है कि अण्णा हजारे के गांव में लोगों ने स्वयं आत्मनिर्भर होकर किस तरह अपना और अपने गांव का विकास किया है। हम वहां के रहवासियों से कुछ सीखकर आए और हम भी उन लोगों की तरह आत्मनिर्भर बन सकें।
चैथी गुर्जर, कोषाध्यक्ष, पुष्कर राज ग्राम संगठन, माकड़वाली,कायड़ (अजमेर)
सभी ग्रामवासी इस ग्राम सभा में भाग लेते है और अपनी पंचायत के विकास के लिये नई-नई योजनाएं बनाकर उन्हें मूर्त रूप देने के काम करते है वह सब हम देखने जा रहे हैं।
मिट्ठु कंवर, अध्यक्ष, उजाला ग्राम संगठन जयसिंह पुरा आंगुचा (भीलवाड़ा)